नयी दिल्ली, 09 अगस्त(वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लेने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कहा है कि उस आंदोलन के जरिए महात्मा गांधी“ साम्राज्यवादी शासन की नींव” हिला सके और इससे भारत की आजादी की लड़ाई को और बल मिला था।

श्री मोदी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा“ भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लेने वाली महिलाओं और पुरूषों को याद करते हुए नमन, महात्मा गांधी के आह्वान से देश को नया रूप मिला।”
उन्होंने 1940 की कुछ अाधिकारिक रिपोर्टाें का हवाला भी दिया जिनमें कहा गया था कि यह आंदोलन व्यापक पैमाने पर फैल गया था और इसमें लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया था।

श्री मोदी ने उस समय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की लिखी एक कविता को भी साझा किया जो राष्ट्रीय अभिलेखागार में सुरक्षित है।

उन्होंने कहा“ राष्ट्रीय अभिलेखागार के प्रयासों को धन्यवाद, मुझे भारत छोड़ो आंदोलन के इतिहास से जुड़े कुछ कीमती हिस्से मिल सके और इन्हीं में अटल जी की एक कविता भी है जो 1946 में एक समाचार पत्र ‘अभ्युदय’ में छपी थी। यह समाचार पत्र श्री मदन मोहन मालवीय से जुड़ा था। ”

श्री मोदी ने इस कविता “ सुनो प्रलय की अगवानी का स्वर उनवास पवन में” की एक फोटोकाॅपी भी पोस्ट की है।

गौरतलब है कि क्रिप्स मिशन की असफलता के बाद महात्मा गांधी ने आठ अगस्त 1942 को भारत छाेड़ो आंदोलन की शुरूआत की थी और इसमें “करो या मरो” का शंखनाद भी दिया था।