मिर्जापुर 19 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर जिले की एक अदालत ने पुलिस अभिरक्षा में एक आदिवासी के मौत के मामले में दरोगा को दस साल और आरक्षी को पांच साल की सजा सुनाई है ।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मडिहान थाना क्षेत्र के पटेहरा चौकी अन्तर्गत पडरिया कला गांव निवासी निशा देवी ने आठ जुलाई 2013 को तहरीर दी थी कि उसके पति महेश को गांव के नेबुल के इशारे पर पटेहरा चौकी की पुलिस उठा ले गई। जहां उन्हें प्रताड़ना दी गई जिससे उनकी मौत हो गई। पिटाई में दरोगा राजाराम यादव और अन्य सिपाही शामिल थे।
महिला की तहरीर पर चौकी इंचार्ज राजाराम सहित सभी पुलिस कर्मियों और नेबुल को 302 एवं एससी/एस टी एक्ट के तहत अभियुक्त बनाया गया था और मुकदमा पंजीकृत किया गया।
अपर सत्र विशेष न्यायाधीश भगवती प्रसाद सक्सेना की अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत गवाहों एवं कागजी दस्तावेज के आधार पर चौकी इंचार्ज और आरक्षी के अलावा नेबुल पर दोषी पाया। राजाराम को दस साल तथा अन्य दोनों को पांच साल की सजा सुनाई जबकि शेष अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। सभी सजायाफ्ता को जेल भेज दिया गया।